बहराइच, नवम्बर 22 -- जिले की लाइफ लाइन कहे जाने वाले नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे व जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों पर तेज रफ्तार, लापरवाही से रोजाना हो रहे हादसों में खून से लाल हो रही हैं। यातायात नियमों, संकेतकों का उल्लंघन कर लापरवाह वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। यातायात व एआरटीओ महकमे के आंकड़े देखें तो हर माह लगभग 50 घरों के चिराग असामयिक हादसे से बुझ रहे हैं। इनमें मरने वालों में 85 फीसदी किशोर व युवा होते हैं। हादसों के पीछे की मुख्य वजह तेज रफ्तार से ओवरटेक, मोड़ पर रफ्तार पर नियंत्रण नहीं, हेल्मेट का प्रयोग न करना है। यह हाल तब है जब बिना हेल्मेट, सीट बेल्ट पर हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बावजूद न जुर्माने का डर न जान जाने का गम। तराई में हादसे आंकड़ों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। सर्वाधिक हादसे...
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