फिरोजाबाद, फरवरी 28 -- होली का पर्व रंगों के त्योहार के नाम से जाना जाता है। महिलाएं, पुरुष और बच्चे एक दूसरे पर अबीर, गुलाल के संग रंग की बौछार करते हैं। रासायनिक वाले रंग त्वचा में जख्म, एलर्जी, आंखों में जाने से जलन एवं पेट में जाने से घाव तक पैदा कर देते हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ भी इनसे दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं। इन सबसे बचाव करने के लिए हर्बल रंग सबसे अच्छे और उपयुक्त माने जाते हैं। कीमत की बात करें तो हर्बल रंग 30 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति दस ग्राम और सस्ते रंग 20 रुपये से लेकर 50 रुपये प्रति दस ग्राम में मिल रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से लोगों ने रंगों की अपेक्षा गुलाल से होली खेलना शुरू किया है। जिससे वर्तमान में रंगों की बिक्री 25 प्रतिशत एवं गुलाल की बिक्री 75 प्रतिशत हो गई है। जिले में आगरा, कानपुर, दिल्ली, जयपुर आदि से...
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