फिरोजाबाद, मार्च 9 -- शहर के बाईपास से लालई को जाने वाले मार्ग पर बसा वार्ड 62 वैसे तो शहरी सीमा में आता है लेकिन हकीकत में आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। कहने को तो इस इलाके में 15000 से अधिक आबादी रहती है, फिर भी उनकी जिंदगी समस्याओं के बोझ तले दबी हुई है। यहां का हर दिन एक ही सवाल से शुरू होता है कि इस क्षेत्र में विकास की किरण कब उगेगी और समस्याओं से निजात कौन दिलाएगा। मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे लोगों ने नगर निगम से लेकर शहर का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधियों को भी समस्याओं के बारे में बताया, फिर भी कहीं सुनवाई नहीं हो सकी है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के बोले फिरोजाबाद के तहत संवाद में महिलाओं और पुरुषों ने कहा कि वे लोग पिछले दस साल से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। यहां की समस्याएं कम होने का नाम ही नहीं ले रह...