फिरोजाबाद, सितम्बर 17 -- फिरोजाबाद। शिक्षा प्रणाली में बदलाव काफी वक्त से महसूस किया जा रहा था। पुरानी शिक्षा पद्धति में छात्र शिक्षा तो पाते थे, लेकिन वो शिक्षा पूरी तरह सैद्धांतिक थी। किताबों के इस ज्ञान को पाकर छात्र-छात्राएं शिक्षित तो बन जाते थे। उनके हाथ में डिग्री भी आ जाती थी, लेकिन कॉलेज से पढ़ाई पूर्ण कर बाहर आने वालों में से एक बड़ी संख्या बेरोजगार खड़ी दिखाई देती थी। नई शिक्षा नीति में कई नई वस्तुओं का समावेश किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है आज के बदलते दौर में आधुनिक होते समाज में इस शिक्षा नीति को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। जिन विवि एवं कॉलेजों ने नई शिक्षा नीति के तहत अपने यहां पर शिक्षा से जुड़े आधुनिक संसाधनों को अपनाया है, वहां पर बच्चे भी नई शिक्षा नीति को समझ रहे हैं। नई शिक्षा नीति से आ रहे बदलावों पर बोले हिन्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.