फिरोजाबाद, जनवरी 4 -- खेलों की स्थिति में अब पहले की तुलना में बड़ा एवं सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। एक समय था जब खेलों का दायरा केवल परंपरागत खेलों तक सीमित था, लेकिन अब खिलाड़ी न केवल देश प्रदेश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। अब खेल सिर्फ शौक भर नहीं, बल्कि युवाओं के लिए करियर और रोजगार का मजबूत माध्यम बन रहे हैं। खेलों में हुए इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण तमाम खेल एकेडमियां हैं। इन एकेडमियों ने खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग, आधुनिक तकनीक, नियमित अभ्यास एवं प्रतियोगिताओं का मंच उपलब्ध कराया है। पहले जहां प्रतिभाएं संसाधनों के अभाव में दम तोड़ती थीं, अब वहीं खिलाड़ी सही मार्गदर्शन पाकर आगे बढ़ रहे हैं। जिससे खेलों का दायरा विस्तृत हो गया है। एथलेटिक्स, कुश्ती, क्रिकेट, कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, ताइक्व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.