फिरोजाबाद, दिसम्बर 26 -- फिरोजाबाद संवर रहा है तो बदल भी रहा है। ऐतिहासिक पहचान समेटे हुए धार्मिक स्थलों को पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा है तो रपड़ी जैसे ईको टूरिज्म के क्षेत्र फिरोजाबाद को पयर्टन को अवसर पैदा कर रहे हैं। आसपास के जिलों में आने वाले पर्यटकों को फिरोजाबाद की तरफ खींचने का भी प्रयास कर रहे हैं, जिससे फिरोजाबाद में इन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है तो पर्यटन के क्षेत्र में फिरोजाबाद के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। आगरा से आते हैं तो राजा का ताल पर हाथों की चूड़ियां पहने युक्त कलाकृति अनायास ही ध्यान खींचती है। शहर में गुजरें तो फिरोजाबाद एवं शिकोहाबाद में तिरंगा लाइट बदलते हुए शहर की तरफ बताते हैं तो कभी बीहड़ का इलाका कहा जाने वाला रपड़ी अब ईको टूरिज्म के रूप में पहचाना जा रहा है। फिरोजाबाद के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.