फिरोजाबाद, मार्च 19 -- जिला मुख्यालय पर स्थित दीवानी न्यायालय का इतिहास वर्षों पुराना है। समय के साथ इसका विस्तार भी हो रहा है। वर्तमान में यहां 2300 से अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इनमें एक सैकड़ा से अधिक महिला अधिवक्ता शामिल हैं। हर साल होने वाले जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी भी दमखम से होती है। नतीजतन, प्रत्येक कार्यकाल में महिला अधिवक्ता भी पदाधिकारी बनती हैं। हिन्दुस्तान के बोले फिरोजाबाद के तहत महिला अधिवक्ताओं ने अपने पेशे के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत की पहली महिला अधिवक्ता कॉर्नेलिया सोराबजी थीं। वह 1892 में ऑक्सफोर्ड के समरविल कॉलेज में सिविल लॉ में दाखिला लेने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इसके साथ ही वह भारत और ब्रिटेन में कानून का अभ्यास करने वाली पहली भारतीय भी थीं। 1902 से 1922 के बीच उन्होंने...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.