फिरोजाबाद, मार्च 5 -- पहले सरकारी स्कूल का नाम आते ही आंखें में बदहाल तस्वीर उभरकर आती थी। टूटी बाउंड्रीवॉल, जर्जर छतें और ऊबड़-खाबड़ परिसर, पानी और शौचालय का अभाव इन स्कूलों की पहचान होता था। इसलिए छात्र भी कम आते थे। अब हालात बदल गए हैं। बीते वर्षों में सरकार ने शिक्षा का स्तर सुधारने को व्यवस्थाएं बेहतर करने पर काफी काम किया है। विभाग के पास धनाभाव था, इसलिए ऑपरेशन कायाकल्प से ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के सहयोग से सुविधाएं जुटाईं गईं। जिले के 1426 स्कूलों के कक्षों, रसोई, कार्यालय और परिसर में टाइलीकरण, ऊंची बाउंड्रीवॉल, रंगाई-पुताई के साथ दीवारों पर पेंटिंग कराई गई है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के 1196 स्कूलों में 14,538 डेस्क ब्रेंच और 759 स्कूलों में स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। निपुण भारत मिशन के तहत 80 प्रतिशत से अधिक छात्...
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