गंगापार, दिसम्बर 2 -- स्वच्छता को पलीता जनपद की नगर पंचायत लालगोपालगंज द्वारा संचालित एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर स्थानीय निकाय की एक बेहद महंगी परियोजना साबित हो रही है। करोड़ों रुपये की लागत से कूड़ा प्रबंधन के उद्देश्य से स्थापित यह केंद्र जनता को अपेक्षित लाभ देने में पूरी तरह विफल दिखाई दे रहा है। स्थिति यह है कि यहां प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी नगर को स्वच्छता या आय दोनों ही स्तरों पर कोई उल्लेखनीय फायदा नहीं मिल रहा। आरएफ सेंटर में वर्तमान समय में कुल सात कर्मचारी और एक चौकीदार तैनात हैं। इसके अलावा एक सुपरवाइजर भी नियुक्त है। कर्मचारियों का वेतन 11,000 रुपये प्रतिमाह जबकि सुपरवाइजर का वेतन 18,000 रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। कुल मिलाकर नगर पंचायत प्रतिमाह 106000 रुपये वेतन मद में खर्च करती है, जो एक वर्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.