गंगापार, फरवरी 16 -- किसानों की व्यथा बढ़ती लागत, घटता मुनाफा और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों ने किसानों को नई राह तलाशने के लिए मजबूर किया है। ऐसे में सरकार की विभिन्न योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों ने वैकल्पिक खेती को मजबूत विकल्प के रूप में सामने रखा है। जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, फल-बागवानी, फूलों की खेती, औषधीय पौधों और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने का आधार बन रही हैं। किन्तु सब्जी उत्पादक किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। किसान इसे नकद खेती मानते हैं लेकिन जितना फायदा उन्हें सब्जी उत्पादन से होता है, कई बार उससे अधिक नुकसान झेलना पड़ता है। सीजन पकड़ा जाने पर सब्जी की उन्हें अच्छी कीमत मिल जाती है, लेकिन बाद में सब्जी का भाव गिर जाता है। ऐसे में सब्जी को सुरक्षित रखने के लिए गौहनिया और आस पास में कोल्ड स्टोरेज ...
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