गंगापार, जनवरी 11 -- परसरा शवदाह गृह कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में हो रही मौतों की वजह से जनपद में दाह संस्कार के लिए हाहाकार मचा हुआ था। कोई नदियों में शव को प्रवाहित कर रहा था तो कोई रेत में दफन कर रहा था। दफनाए गए शवों से रेत हट जाने पर शव को कुत्ते नोच रहे थे। जिसकी गूंज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी थी। जिसे लेकर शासन ने कई स्थानों पर शवदाह गृह बनवाने का काम शुरू किया। लेकिन इसके पूर्व ही जसरा विकास खंड के आदर्श गांव परसरा में शव दाह स्थल बन चुका था। लगभग पांच वर्ष पूर्व बने इस शव दाहगृह को अफसरों ने देखने के बाद इसे जिले का मॉडल शवदाह घर भी घोषित कर दिया। इस शवदाह घर को देखकर जिले में कई शव दाहगृह भी बनाए गए। लेकिन परसरा गांव में निर्मित यह मॉडल शवदाह स्थल का अभी तक शुरुआत ही नहीं किया जा सका है। जिससे यह अभी भी मॉडल ही बना रह गया।...
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