भागलपुर, मार्च 11 -- - अमित गोस्वामी रजनीश पूर्णिया जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर पौधरोपण कार्य न होने के कारण शहरवासियों को गर्मी के मौसम में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तपती धूप में लोग वाहन चलाने से भी कतरा रहे हैं और दोपहर के समय बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया है। एक समय था जब पूर्णिया को मिनी दार्जिलिंग के नाम से जाना जाता था। हरियाली, नहरों के किनारे लगे पेड़, सड़क किनारे पंक्तिबद्ध वृक्ष और बगीचों की मौजूदगी शहर की सुंदरता और लोगों की राहत का प्रतीक थीं। लेकिन आज यह पहचान धीरे-धीरे खतरे में है। पौधरोपण की कमी और पेड़ों की कटाई ने शहर की प्राकृतिक छवि को बुरी तरह प्रभावित किया है। वन विभाग की उदासीनता और अपर्याप्त योजनाओं के कारण मिनी दार्जिलिंग की रौनक अब खोती जा रही है। नहरों और रेलवे लाइन के किनारे पेड़ों का ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.