भागलपुर, मार्च 27 -- -प्रस्तुति : मुकेश कुमार श्रीवास्तव पूर्णिया जो कभी पूर्णअरण्य के नाम से अपनी हरियाली, स्वच्छ वातावरण और सुहावने मौसम के लिए जाना जाता था, आज गंभीर पर्यावरणीय असंतुलन के दौर से गुजर रहा है। तेजी से हो रहे शहरीकरण, सड़क निर्माण और विकास परियोजनाओं की आंधी में पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा कहीं पीछे छूटता नजर आ रहा है। यही वजह है कि अब शहर के नागरिक, पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक संगठन और सिविल सोसाइटी ने खुलकर इस मुद्दे को उठा रहे हैं और ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में पूर्णिया में विकास कार्यों की रफ्तार काफी तेज हुई है। शहर में नई सड़कों का निर्माण, पुराने मार्गों का चौड़ीकरण, आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। इन विकास कार्यों की कीमत पर्यावरण को चुकानी पड़ रही है। हजारों की संख...
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