भागलपुर, दिसम्बर 7 -- - प्रस्तुति : मुकेश कुमार श्रीवास्तव फूड पार्क का उद्देश्य था गरीबी उन्मूलन, स्वरोजगार, स्वच्छता और नगर निगम की आय में बढ़ोतरी। लेकिन दो वर्षों से बंद पड़ा यह पार्क आज प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। अगर अब भी नगर निगम ने इसे पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस पहल नहीं की तो यह योजना हमेशा के लिए इतिहास बन जाएगी और शहर एक बड़ी सार्वजनिक सुविधा से वंचित रह जाएगा। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और कब यह फूड पार्क वास्तव में जनता के लिए खुलता है। हालांकि इस मुद्दे पर अधिकारियों के बयान लगातार बदलते रहे हैं। कभी फाइल प्रक्रिया में होने की बात कही जाती है, तो कभी तकनीकी कारणों का हवाला दिया जाता है। लेकिन हकीकत यह है कि बीते दो वर्षों में किसी ठोस कार्रवाई का अब तक कोई परिणाम सामने नहीं आया है। शहर...
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