भागलपुर, नवम्बर 21 -- - प्रस्तुति : आलोक पूर्णिया समेत पूरे सीमांचल क्षेत्र में बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण युवाओं का पलायन तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उद्योग-धंधों के अभाव, बढ़ती महंगाई और सीमित अवसरों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। अब केवल पुरुष ही नहीं, महिलाएं भी काम की तलाश में गांव छोड़ने लगी हैं। यह बदलते सामाजिक ढांचे और बढ़ती मजबूरियों का संकेत है। पलायन का असर गांवों की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना दोनों पर पड़ रहा है। श्रमिकों की कमी से खेती संकट में है, वहीं परिवारों का बिखराव नई चिंता बन गया है। पहले परदेस से भेजे गए पैसों पर घर की जरूरतें पूरी होती थीं, पर अब पूरे परिवार को रोजी-रोटी के लिए गांव से जाना पड़ रहा है। यह प्रवृत्ति न केवल आर्थिक संकट का संकेत है, बल्कि गहरे सामाजिक बदलाव की ओर भी इशारा करती ...
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