भागलपुर, मार्च 28 -- - प्रस्तुति राजीव कुमार जिले में कभी सोने की तरह चमकने वाला लाल ईंट उद्योग आज गहरे संकट से गुजर रहा है। भट्ठा संचालक इस हालात के लिए सरकारी प्रावधानों को जिम्मेवार ठहराते हैं। जमुई के ईंट भट्ठा संचालक का कहना है कि सरकारी निर्माण कार्य में लाल ईंट का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार फ्लाई ऐश ईंट प्रयोग को बढ़ावा दे रही है। सरकारी कार्यों से जुड़े ठेकेदारों ने लाल ईंट खरीदना छोड़ दिया है। अब लाल ईंट के खरीदार मकान बनाने वाले जरूरतमंद लोग हैं, जिनमें अधिकतर मध्यम वर्गीय लोग हैं। वे ईंट खरीदने से पहले मोलभाव करते हैं। स्वयं परखकर एक नंबर ईंट लेते हैं। इसके बाद डिस्काउंट मांगते हैं। ऐसे खरीदार भट्ठे से निकली तीन-चार नंबर की ईंट नहीं लेते हैं। इसका उपयोग लोग चहारदीवारी, फर्श आदि निर्माण कार्य में...