भागलपुर, फरवरी 15 -- प्रस्तुति: सुधांशु लाल जमुई जिले के महादेव सिमरिया (शिवडीह) स्थित बाबा धनेश्वर नाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और लोककथाओं का जीवंत संगम है। लगभग 700 वर्ष पुराना यह मंदिर 13वीं शताब्दी से जुड़ा माना जाता है। स्थानीय परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार यह शिवलिंग स्वयंभू है, जो धनेश्वर नामक कुम्हार को मिट्टी खोदने के दौरान प्राप्त हुआ था। इसी कारण इस स्थल का नाम धनेश्वर पड़ा। किंवदंती है कि भगवान विश्वकर्मा ने एक ही रात में इस मंदिर का निर्माण किया था। बाद में गिद्धौर के राजा पूरणमल ने इसका विस्तार और स्थापना कार्य कराया। एक प्रचलित कथा के अनुसार राजा प्रतिदिन देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में पूजा के लिए जाते थे, लेकिन एक बार बाढ़ के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके। तब भगवान शिव ने उन्हें स्वप्न में द...