भागलपुर, मार्च 29 -- -प्रस्तुति- अविनाश कुमार ग्राीमीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले डेयरी उद्योग पर इन दिनों बांझपन का साया मंडरा रहा है। पशुपालक अपने दुधारू मवेशियों, विशेषकर गाय और भैंसों में बढ़ती बांझपन की समस्या को लेकर खासे परेशान हैं। समय पर गर्भधारण न कर पाने के कारण पशु न केवल दूध देना बंद कर रहे हैं, बल्कि उनके रख-रखाव का खर्च पशुपालकों की कमर तोड़ रहा है। इस क्षेत्र की अधिकांश आबादी कृषि तथा पशुपालन पर निर्भर है। अलीगंज प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गावों में इन दिनो गायों में बांझपन की समस्या ज्यादा देखी जा रही है। इससे अलीगंज प्रखंड क्षेत्र के पशुपालक लाचार होकर काफी कम कीमत पर गायों को बेचने को मजबूर हैं। ऐसा देखा जा रहा है कि एक-दो बार बच्चा देने के बाद उनके बीच में फिर गर्भ धारण करने की क्षमता ही समाप्त हो जा रही है। इसको ...
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