भागलपुर, फरवरी 18 -- -प्रस्तुति, अविनाश कुमार सिंह अलीगंज प्रखंड का ईंट उद्योग वर्षों की मेहनत, गुणवत्ता और ईमानदारी के बल पर जिले में एक सशक्त पहचान बना चुका है। यहां की लाल ईंट अपनी मजबूती, सटीक आकार और टिकाऊपन के लिए जानी जाती है। मनी (चिमनी) संचालकों की अथक मेहनत, पारंपरिक तकनीक और ग्राहकों के साथ विश्वसनीय व्यवहार ने अलीगंज की ईंट को एक ब्रांड के रूप में स्थापित कर दिया है।यही कारण है कि यहां निर्मित ईंटों की मांग केवल जमुई जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के देवघर, गिरिडीह, कोडरमा, रांची और हजारीबाग जैसे जिलों के साथ-साथ लखीसराय, शेखपुरा, नवादा तथा जमुई जिले के पूर्वी प्रखंडों तक नियमित आपूर्ति की जाती है। स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़अलीगंज में करीब 50 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। यह उद्योग हजारों लोगों की रोजी-रोटी का आधार है। ...