गोंडा, मार्च 7 -- पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए शासन से संचालित योजनाओं का समुचित लाभ पशुपालकों को नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि पशु पालन विभाग सहित अन्य सरकारी योजनाओं का बेहतर तरीके से प्रचार-प्रसार नहीं होता है। इससे ज्यादातर पशुपालकों को योजनाओं के बारे में जानकारी ही नहीं हो पाती है। पशुपालकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में पशु आहार के अलावा भूसा और हरे चारे के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसकी तुलना में उन्हें दूध का उचित दाम नहीं मिल रहा है। यही नहीं हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था न होने से पशुपालक अब पशुओं की संख्या कम करने लगे हैं। हिन्दुस्तान के बोले गोंडा मुहिम मे शामिल लोगों ने कहा कि जिले में चारागाहों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। तमाम जगहों पर चारागाहों का अतिक्रमण है। शिकायत करने पर अफसर कोई कारगर कार्रवा...