गोंडा, मार्च 8 -- जिले में आलू की बड़े पैमाने खेती पर होती है। चालू सीजन में तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की बुवाई के साथ बड़े उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है। किसानों का कहना है कि केवल उत्पादन बढ़ाने से समस्या हल नहीं होगी। सब्जियों में प्रमुख फसल माने जाने वाले आलू से हजारों किसानों की आजीविका जुड़ी है, फिर भी उन्हें लागत के अनुरूप लाभ नहीं मिल पाता। कृषि विभाग का दावा है कि उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देकर पैदावार बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अनुकूल मौसम और बेहतर फसल प्रबंधन से लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद जताई गई है। जिले में सिर्फ एक कोल्ड स्टोरेज है जहां डेढ़ लाख बोरे से अधिक आलू भंडारण की क्षमता है। किसानों का कहना है कि यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। हिन्दुस्तान बोले गोण्डा मुहिम के तहत किसानो...
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