गोंडा, मार्च 12 -- जिले के ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाए गए आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) अपने संचालन को लेकर सवालों के घेरे में हैं। सरकार ने गांवों में व्यवस्थित ढंग से कूड़ा प्रबंधन के लिए अरबों रुपये खर्च करके इन केंद्रों का निर्माण कराया था। योजना के तहत गांवों से प्रतिदिन गाड़ी के माध्यम से कूड़ा एकत्र कर आरआरसी केंद्रों पर उसकी छंटाई और निस्तारण किया जाना था। साथ ही इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलने की उम्मीद थी। हकीकत में जिले के अधिकांश गांवों में आरआरसी केंद्र केवल इमारत बनकर खड़े हैं। कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था कागजों तक ही सीमित होकर रह गई है। नियमित कूड़ा उठान न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.