गोंडा, फरवरी 25 -- जिले में 15 हजार से अधिक ई-रिक्शा के साथ सैकड़ों निजी बस, ऑटो और सीएनजी ऑटो का संचालन हो रहा है। सड़कों पर हजारों की संख्या में सार्वजनिक वाहन दौड़ रहे हैं, जो विशेषकर ग्रामीण इलाकों के दैनिक यात्रियों के लिए लाइफ लाइन साबित हो रहे हैं। हालांकि रूट निर्धारित नहीं होने और समुचित पार्किंग स्थल के अभाव में शहर और कस्बा बाजारों में आए दिन जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। कोरोना लॉकडाउन के बाद जिले में ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, इससे लोगों को आने जाने में सुविधाएं मिली लेकिन इनकी वजह से लगने वाले जाम ने लोगों को हलकान भी किया है। वहीं निजी बसों के संचालन में कुछ कमी आई है। इसके विपरीत दूसरे राज्यों के लिए लक्जरी बसों का संचालन तेजी से बढ़ा है, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को सुविधा मिली है। हिंदुस्तान...
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