गोंडा, जनवरी 13 -- छोटा हाथी कहे जाने वाले लोडर वाहनों के कारोबारी जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। जिले में हल्के और कम वजन वाले सामानों के परिवहन का दायित्व छोटे लोडिंग वाहनों पर टिका है। ये वाहन एक दुकान से दूसरी दुकान, कस्बों से शहर और शहर से अन्य जिलों तक सामान पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद इन छोटे ट्रांसपोर्टरों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गोण्डा। जिले में छोटे ट्रांसपोर्टर लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में सामान की आवाजाही का बड़ा दारोमदार इन्हीं छोटे वाहनों पर है। क्योंकि बड़े वाहन सिर्फ चौड़ी सड़कों तक सामान पहुंचाते हैं। लेकिन यही छोटे लोडर वाहन ही उन सामग्रियों को दुकान से लेकर संकरी गलियों व गोदाम तक ले जाते हैं। छोटे लोडर वाहन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.