दरभंगा, अप्रैल 13 -- भरवाड़ा के किस महादेव साह ने बताया कि महंगे खाद-बीज एवं महंगी सिंचाई के साथ-साथ जुताई-बुआई में लगी पूंजी भी गेहूं की फसल तैयार होने पर ऊपर नहीं हो पा रही है। इससे कर्ज में डूबे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। रामपुरा के किसान संजय कुमार ने बताया कि बड़ी मेहनत एवं अत्यधिक पूंजी लगाने के बाद तैयार हुई गेहूं की फसल आंधी-पानी की चपेट में आ गई। लगातार तीन बार हुई इस आपदा से गेहूं का उत्पादन आधा से भी नीचे हो गया। खेतों में पड़ी गेहूं की बाली में ठीक से दान भी नहीं हो सका। हरपुर की किसान ललिता देवी ने बताया कि मौसम अनुकूल खेती की व्यवस्था एवं सहायता नहीं मिलने के कारण कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। महाजन से ब्याज पर रुपए लेकर गेहूं की खेती की थी, लेकिन उत्पादन इतना भी नहीं हो पाया कि जिस किसान से जमीन मनखप पर लिया है उनको अनाज लौट स...