एटा, फरवरी 19 -- कासगंज। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के बोले कासगंज के तहत आयोजित संवाद में लोगों ने कहा कि वर्तमान में सोरों में कृषि उत्पादों की अस्थायी मंडी सड़कों की पटरियों, खुले मैदानों अथवा अस्थायी स्थानों पर लगती है। मौसम अनुकूल रहने पर तो व्यापार सुचारू रूप से चल जाता है, लेकिन जैसे ही बारिश या आंधी जैसे प्रतिकूल हालात बनते हैं, किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा पैदा हो जाता है। खुले में रखे कृषि उत्पाद भीगकर या खराब होकर नुकसान का कारण बनते हैं। कई बार उचित भंडारण और सुरक्षित बिक्री स्थल के अभाव में किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती है। जनपद कासगंज में लगभग 96 हजार हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि है, लेकिन पूरे जिले में केवल एक प्रमुख कृषि मंडी संचालित है, जो बढ़ती कृषि उपज और व्यापारिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त नहीं...
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