आगरा, फरवरी 2 -- तेजी से बदलते पर्यावरणीय हालात, गिरते भूजल स्तर और बढ़ते जल संकट के बीच झीलों और वेटलैंड्स (आर्द्र भूमियों) का संरक्षण आज केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का सवाल बन चुका है। दो फरवरी को विश्व आर्द भूमि दिवस मनाया गया। इस दौरान आर्द्र भूमियों को लेकर विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते झीलों और वेटलैंड्स को बचाने के ठोस प्रयास नहीं किए गए, तो इसका सीधा असर मानव जीवन, कृषि, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ेगा। इसी क्रम में कासगंज जनपद की झीलों और वेटलैंड्स के संरक्षण तथा उन्हें पर्यावरण पर्यटन से जोड़ने की मांग तेज होती जा रही है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के बोले कासगंज के तहत आयोजित संवाद में लोगों ने कहा कि, मानव सभ्यता का विकास सदैव जल स्रोतों के आसपास हुआ है। ...