वाराणसी, फरवरी 28 -- वाराणसी। काशी के शतरंज खिलाड़ी विभागीय उपेक्षा और अनदेखी के कारण 'चेक और मेट' के बीच फंसे हैं। शहर के 2000 से अधिक खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए कोई स्थायी केन्द्र नहीं है। प्रोत्साहन और उचित प्रशिक्षण के बिना अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं का भविष्य अधर में है। आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव के चलते पिछले साल एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता रद्द हो गई थी। शतरंज खिलाड़ियों का कहना है कि सिगरा स्टेडियम में स्थान, बेहतर कोचिंग और विशेष परिवहन जैसी सुविधाएं उनके खेल की चाल को विजय द्वार तक पहुंचा सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने वाली बनारस की इन प्रतिभाओं को न प्रशासनिक सम्मान मिला, न आर्थिक प्रोत्साहन मिल पा रहा है। लहुराबीर स्थित एक सेंटर पर 'वाराणसी जिला शंतरज संघ' के बैनर तले खिलाड़ियों और कोचों ने 'हिन्दुस्तान' के साथ अपनी सम...