वाराणसी, अप्रैल 30 -- वाराणसी। लकड़ी की मेज पर सेल्युलाइड बॉल की टिक-टिक के बीच काशी के टेबल टेनिस खिलाड़ी अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के मोर्चे पर वे आज भी बैकहैंड पर हैं। राष्ट्रीय पटल पर अंक बटोरने वाले खिलाड़ियों के सामने महंगे उपकरणों का खर्च और कोच विहीन स्टेडियम जैसी चुनौतियां हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों के खिलाड़ियों के लिए यह खेल आर्थिक बोझ महसूस होने लगा है, जहां हर टूटती बॉल के साथ एक सपना भी टूटता महसूस होता है। संसाधनों की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के बावजूद, काशी की ये खेल प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराने का जज्बा लेकर खेल मेज पर डटी हैं। अपनी फुर्ती और एकाग्रता के लिए पहचाना जाने वाला टेबल टेनिस का खेल काशी की गलियों से निकलकर अब राष्ट्रीय पटल पर चमक रहा है। वाराणसी डिस्ट्रिक्ट टेबल टेनिस एसोसिएशन के ...