वाराणसी, फरवरी 1 -- वाराणसी। जिला राइफल क्लब में करोड़ों के बजट और नवनिर्मित भवनों के बावजूद, काशी के निशानेबाज तकनीकी पिछड़ेपन और प्रशासनिक उपेक्षा का निशाना बने हुए हैं। बनारस के ये होनहार आज भी बिना कोच के मैनुअल मशीनों और अपने भविष्य को संवार रहे हैं। शॉटगन कोर्ट और महंगे उपकरणों की कमी उनके हौसलों को जख्मी कर रही है। मेडल जीतने के बाद जब सम्मान और प्रोत्साहन की जगह चुप्पी मिलती है, तो एक खिलाड़ी की मेहनत नहीं, बल्कि देश के लिए कुछ कर गुजरने की उम्मीद दम तोड़ देती है। काशी के निशानेबाजों के लिए जिला राइफल क्लब में भवनों का ढांचा खड़ा कर दिया गया लेकिन शॉटगन रेंज के लिए न मशीनें हैं और न ही सुरक्षित कोर्ट। जिला राइफल क्लब के सदस्यों और निशानेबाज खिलाड़ियों ने 'हिन्दुस्तान' के साथ अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि आधुनिक दौर की कंप्यूटर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.