वाराणसी, मार्च 29 -- वाराणसी। सुविधाएं सभी हैं, लेकिन दुर्दशाग्रस्त। इन्हें दुरूस्त कराने की बात तो दूर, पास में ही गड्ढे खोदकर छोड़ दिए जाने से फजीहत बढ़ गई है। सीवर की फांस तो है ही, दुर्गंध से लोगों का दम घुट रहा है। हालात यह कि घर से निकलते ही पहला कदम सीवर में पड़ना मजबूरी है। इसके बगैर दूसरा कदम बढ़ ही नहीं पाता। ऐसी जलालत भरी जिंदगी जी रहे हैं हनुमान मंदिर (लहरतारा) के लोग। लहरतारा पुल से करीब चार सौ मीटर पर बने ये हालात दिनचर्या की सहजता छीन रहे हैं। -------------कबीर बालिका विद्यालय (लहरतारा) के ठीक सामने हनुमान मंदिर है। मंदिर के पास से ही गली गुजरती है। उसमें कदम रखने के लिए पहले सीवर पार करना पड़ेगा। मंदिर पर पूजन-अर्चन भी सीवर के बीच से ही जाकर हो सकता है। यहां के प्राचीन कुएं के पानी में भी सीवर की 'मिलावट' हो गई है। 'हिन्दु...