वाराणसी, जनवरी 1 -- वाराणसी। कभी गांव रहा सुल्तानपुर (रामनगर) आज 'दो पाटों' की फांस में है। यहां का कुछ हिस्सा नगर निगम के हवाले है तो कुछ हिस्सा ग्राम पंचायत की सीमा में। इसका दुष्पपरिणाम यह है कि यहां विकास की जिम्मेदारी एक दूसरे पर 'लोका' दी जा रही है। निवासी समझ नहीं पा रहे हैं कि वे सड़क, बिजली, पानी, स्ट्रीट लाइट आदि से संबंधित शिकायतें किससे करें कि समाधान हो सके। हालात यह है कि यहां सुविधाओं की सल्तनत छिन गई है और दुनियादारी 'दोजख' जैसे राग अलापने लगी है। नगर निगम के रामपुर (रामनगर) वार्ड का प्रमुख इलाका सुल्तानपुर का मुख्य मार्ग तो बन चुका है लेकिन गलियां क्षतिग्रस्त हैं। सीसी रोड और सीवर लाइन आदि से संबंधित विकास कार्य के शिलापट्ट लगे हैं, लेकिन काम आधा-अधूरा ही हुआ है। बाशिंदों ने 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में अपना दुखड़ा सुनाया ...
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