भागलपुर, दिसम्बर 8 -- बरसोई प्रखंड के लगुआ पंचायत का बुराकमात गांव आज विकास और व्यवस्था के बीच पिसती एक सच्ची तस्वीर है। यहां की टूटी पीसीसी सड़क सिर्फ रास्ता नहीं, बल्कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की जद्दोजहद बन चुकी है। स्कूल जाते बच्चे हों या बीमार बुजुर्ग, हर कदम डर और परेशानी के साथ बढ़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए तो यह टूटा रास्ता किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं । इस जर्जर सड़क ने लगभग 300 परिवारों की जिंदगी को मुश्किलों में जकड़ दिया है। पांच साल से ज्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन मरम्मत की जगह केवल आश्वासन ही गांव तक पहुंचे हैं। जर्जर सड़क से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है बरसोई प्रखंड के लगुआ पंचायत का बुराकमात गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर खड़ा है। गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली पीसीसी सड़क पिछले पांच वर्षों से टूटी...
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