भागलपुर, मार्च 15 -- प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज सीमांचल का प्रमुख शहर कटिहार आज एक ऐसी समस्या से जूझ रहा है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़ी है। शहर में आधुनिक और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप पशु वधशाला (स्लॉटर हाउस) नहीं होने के कारण मीट की कटाई और बिक्री खुले स्थानों पर हो रही है।सड़कों के किनारे, बाजारों के बीच और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुबह से ही पशु वध और मांस प्रसंस्करण का काम होता दिखाई देता है। यह स्थिति न केवल अस्वच्छ है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।शहर के कई हिस्सों में मीट दुकानों के आसपास खून, हड्डियां और अन्य जैविक अपशिष्ट खुले में पड़े रहते हैं। इन अपशिष्टों से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी आसपास के वातावरण को प्रदूषित करती है। इससे राहगीरों और आसपास रहने वाले ल...