एटा, नवम्बर 22 -- जिले में दिव्यांगजनों के लिए सरकार की ओर से जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं चलाई जा रही है। जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का क्रियान्वयन निराशाजनक है। जिले में 20 हजार से अधिक दिव्यांग होने के बावजूद सरकारी आंकड़ों और हकीकत में बड़ा अंतर है। इससे बड़ी संख्या में दिव्यांग मूलभूत अधिकारों से वंचित हैं। इन सभी समस्याओं को लेकर एटा के दिव्यांगों ने बोले एटा अभियान के माध्यम से अपनी मूलभूत मांगों एवं समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की है। ले में 20 हजार से अधिक दिव्यांगों के मुकाबले करीब 12 हजार दिव्यांगों को ही पेंशन का लाभ मिल रहा है। आयुष्मान भारत योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन अधिकांश दिव्यांगों को इसका लाभ इसलिए नहीं मिल रहा है, क्योंकि लाभार्थियों की लिस्ट में उनका नाम नहीं हैं। इससे उन्हे गंभीर बी...
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