आगरा, अक्टूबर 27 -- छठ मैया के भक्तों की आठ साल पुरानी पहल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ठोस कवच बनती जा रही है। छठ पूजा के रीति और रिवाजों को अनंत विस्तार देने वाले मैया के भक्त स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने की कवायद कर रहे हैं। आठ साल पहले नामनेर के गिरीश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुआ अस्थायी कुंडों का सफर आधा दर्जन तक पहुंच चुका है। सन 2017 में अस्थायी कुंड में पूजन करने के लिए पहली बार सिर्फ पंद्रह लोग पहुंचे थे। पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति से जुड़े पदाधिकारियों का दावा है कि इस बार शहर के हरेक कोने में तैयार किए गए अस्थायी कुंडों पर छठ मैया के लगभग 10 हजार सदस्यों के पहुंचने की संभावना है। समिति के सदस्यों की कोशिशों ने अस्थायी कुंडों की नई परंपरा से नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने की शानदार मिसाल दी है। सनातनी संस्कृति और परं...
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