अयोध्या, फरवरी 9 -- नवाबों की नगरी में पतंगबाजी पुराना शौक रहा है। इस खेल में वही सिकंदर होता है,जो ज्यादा से ज्यादा पतंग काटे। पहले तो पतंग काटना पतंग बाज के कौशल का पैमाना हुआ करता था लेकिन इस खेल में लोग होड़ में आए तो बाजार में शॉर्टकट तरीका ईजाद कर दिया। पतंगबाज को अव्वल साबित करने के लिए चाइनीज मांझे का प्रादुर्भाव हुआ और अब तो प्रशासन की सख्ती के बावजूद पतंगबाजो को यह मिल ही जा रहा है। पहले पतंगबाजी में सूती धागे का इस्तेमाल होता था लेकिन अब फाइबर और केमिकल युक्त धागे का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसके कारण हाल यह हुआ कि कभी शौक का पैमाना या खेल लोगों के लिए मौत अथवा हादसे की डोर बन गया है। पेश है बोले हिन्दुसतान टीम की एक रिपोर्ट... अयोध्या। पतंगबाजी के शौक अथवा खेल में खुद को दौड़ में अव्वल साबित करने की होड़ लोगों के लिए जानलेवा ...
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