अयोध्या, मार्च 31 -- जनपद अयोध्या की भूमि अपनी उर्वरा शक्ति के लिए जानी जाती है। जनपद अयोध्या मे दो लाख हेक्टेयर से अधिक भू भाग पर जनपद के लगभग पांच लाख किसानों के द्वारा खेती की जा रही है। इसमें भी लगभग 20 हजार हेक्टेयर भू-भाग पर किसान वैकल्पिक खेती कर रहे हैं। सरयू नदी के दक्षिण स्थित भू-भाग की धरती उर्वरा होने के बाद भी यहां के किसान के किसानों को जितनी पैदावार मिलनी चाहिए उतनी पैदावार सिंचाई व्यवस्था के सही न होने के कारण नहीं मिल पा रही है। जनपद मे सिंचाई के साधन के रूप में नहर,राजकीय नलकूप व निजी ट्यूबवेल की व्यवस्था प्रमुख है। जनपद में तालाबों से सिंचाई अब न के बराबर हो गई है। पेश है बोले हिन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट...अयोध्या। गैर सिंचित क्षेत्रों में किसानों को राहत देने के लिए स्थापित किए गए राजकीय नलकूप अयोध्या जिले में अब खुद...
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