अयोध्या, दिसम्बर 6 -- जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गम्भीर मरीज इलाज के लिए आते है। सीएचसी से रेफर मरीज का भी यहां इलाज होता है। अस्पताल में एक समय में एक ही इमरजेंसी मेडिकल आफिसर की तैनाती रहती है। जिसे मेडिकोलीगल व इलाज दोनो करना रहता है। हालत यह है कि इमरजेंसी में तैनात डाक्टर का काफी समय लिखापढ़ी करने में बीत जाता है। इसके साथ में लगातार आते मरीज का दबाव भी ईएमओ पर रहता है। ईएमओ के अत्याधिक व्यस्त रहने के कारण मरीजों को उपचार मिलने में विलम्ब भी होता है। जो विवाद का कारण बनता है। जिला अस्पताल में 212 बेड की सुविधा है। यहां भर्ती मरीज के इलाज के लिए चिकित्सक राउन्ड लेते रहते हैं, इसके साथ आनकाल चिकित्सकों को बुलाया जाता है। लेकिन चिकित्सक की कमी के कारण इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के साथ भर्ती गम्भीर मरीजों को भी परामर्श देने की जिम्मेद...
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