अंबेडकर नगर, मार्च 24 -- गैस की किल्लत का प्रतिकूल प्रभाव लगभग सभी प्रकार के कारोबार पर पड़ने लगा है। एक तरफ जहां फास्ट फूड की छोटी बड़ी दुकानें एक एक कर बंद होने लगी हैं, तो वहीं बड़े होटल, ढाबे व रेस्टोरेंट में भी भोजन के मेन्यू में पूर्व की तुलना में कमीं होने लगी है। कामर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता न होने के चलते कुछ ढाबों व रेस्टोरेंट संचालकों ने मजबूर होकर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लकड़ी व कोयले का प्रयोग करना प्रारंभ कर दिया है। कुछ दुकानदारों ने तो कर्मचारियों को छुट्टी दे दी है। पेश है बोले हिन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट... अम्बेडकरनगर। रसोई गैस की समस्या ने टिफिन कारोबार को भी काफी हद तक प्रभावित किया है। घरेलू गैस सिलेंडर की तो होम डिलीवरी होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कामर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता नहीं हो रही है। इसके चलत...
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