अंबेडकर नगर, मार्च 29 -- रसोई गैस के लगातार बढ़ते संकट के बीच इसका सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों व आम लोगों पर पड़ने लगा है। दूरदराज के क्षेत्रों व दूसरे जनपद व प्रांत से आकर पढ़ाई करने वाले छात्र गैस न उपलब्ध होने से खाने के संकट के चलते घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। गैस संकट अब रसोई घर पर भी दिखने लगा है। जहां पूर्व में रसोई गैस से खाना बनता था, तो वहीं अब सुचारू रूप से गैस न उपलब्ध होने से लकड़ी के चूल्हे जलने लगे हैं। बुकिंग की समय सीमा बढ़ जाने से सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव बड़े परिवारों पर पड़ रहा है। लगभग 20 दिन में ही गैस समाप्त होने के चलते दिक्कत बढ़ गई है। पेश है बोले हिन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट...अम्बेडकरनगर। रसोई गैस के तेजी से बढ़ते संकट का सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव छात्रों पर पड़ रहा है। जिल...
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