बुलंदशहर, सितम्बर 10 -- विभिन्न प्रशासनिक और सैन्य सेवाएं हों या सियासी धमक, शैक्षिक क्षेत्र हो या बागबानी और फलपट्टी का काम, हर मामले में देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाला बारहबस्ती बुगरासी क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की भी कमी नहीं है। अपने निजी स्तर से साधन संसाधनों को जुटाकर बिना किसी की ट्रेनिंग और कोचिंग के स्वयं प्रयास करके बुगरासी क्षेत्र से निकलने वाली खेल प्रतिभाओं ने देश भर में नाम रोशन किया है। लेकिन बढ़ती महंगाई, तंग होते साधन के दौर में क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं एक अदद खेल मैदान से भी महरूम है। एक ओर सरकार जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिये खेलो इंडिया नाम से राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम चला रही है। जिसका उद्देश्य प्रतिभा पहचान और खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है, और देश के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करना है। दूस...
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