हल्द्वानी, मई 8 -- हल्द्वानी। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के बाद जहां घरों में खुशियां मनाई जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर मेधावी छात्र एक खतरनाक मानसिक बीमारी 'रिजल्ट एंजाइटी' की चपेट में आ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि 90 से 95 फीसदी अंक पाने वाले छात्र भी संतोष करने के बजाय 'रैंक' पिछड़ने और 'सोशल स्टेटस' गिरने के डर से डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल स्थित मानसिक रोग विभाग में इन दिनों ऐसे छात्र काउंसलिंग को पहुंच रहे हैं। जो अच्छे नंबरों के बावजूद तनाव में हैं।
केस एक उम्मीद से कम अंक बनना बना डिप्रेशन की वजह अस्पताल पहुंच रहे मामलों में 'परफेक्शन' का दबाव साफ देखा जा रहा है। तिकौनिया निवासी एक छात्र ने सीबीएसई हाईस्कूल में 93 फीसदी अंक हासिल किए। उसके पिता सरकारी शिक्षक हैं। अच्छे अंक के ...
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