नई दिल्ली, जुलाई 2 -- क्या आप भी उस दौर से गुजर रहे हैं जहां आपकी पूरी जिंदगी, आपके करियर के सपने और सालों की मेहनत सिर्फ एक दिन, एक परीक्षा और तीन घंटे के पेपर पर टिकी है? भारत में मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्सेज में एडमिशन का मौजूदा तरीका अक्सर छात्रों के लिए एक मानसिक तनाव का सबब बन जाता है। लेकिन अब शिक्षा मंत्रालय इस पूरी तस्वीर को बदलने की तैयारी कर रहा है। आने वाले समय में बोर्ड परीक्षा के अंक आपकी रैंक और कॉलेज तय करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। दी टेलीग्राफ अखबार के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार अब एडमिशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लाने पर विचार कर रही है। अब तक नीट और जेईई जैसे एंट्रेंस एग्जाम्स की मेरिट ही सब कुछ तय करती थी, और बोर्ड के नंबर केवल पात्रता की एक सीढ़ी भर थे। लेकिन प्रस्तावित ...