हजारीबाग, जनवरी 9 -- बरही, प्रतिनिधि। ठंड और शीतलहर के प्रकोप से लोग सुबह दोपहर में भी बोरसी और अलाव जलाने पर मजबूर हैं। बरही के धोबीटोला की रहने वाली आशा देवी उम्र 55 वर्ष पति स्व त्रिभुवन रजक ठंड से बचने के लिए सुबह 10 बजे बोरसी जलाकर ताप रही थी। इसी बीच बोरसी की लपट उसकी साड़ी में पकड़ ली। उस समय आशा देवी घर में अकेली थी। साड़ी में आग पकड़ने के बाद उसने बचाव के लिए हल्ला मचाया। हल्ला सुनकर लोग आए तब उन्हें आग से बचाया गया। इस बीच आशा देवी का हाथ और दोनों पैर बुरी तरह झुलस गया। परिजन उन्हें इलाज के लिए बरही अनुमंडलीय अस्पताल लेकर आए जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल हजारीबाग रेफर कर दिया गया।
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