लखनऊ, जुलाई 21 -- बिना वैज्ञानिक मानकों के बोरवेल या इंजेक्शन वेल के जरिए वर्षा जल को सीधे भूजल स्रोतों (एक्यूफर) में पहुंचाना भविष्य में गंभीर जल संकट और भूजल प्रदूषण का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों ने चेताया कि यदि एक्यूफर दूषित हो गए तो उन्हें दोबारा मूल स्थिति में लाना लगभग असंभव होगा। इसलिए भूजल रिचार्ज की योजनाओं में भूवैज्ञानिक मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। ग्राउंड वाटर एक्शन ग्रुप और यूनिसेफ की ओर से मंगलवार को 'वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज : भ्रांतियां व वास्तविकताएं' विषय पर आयोजित पैनल परिचर्चा में वैज्ञानिकों और जल विशेषज्ञों ने वर्षा जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कार्यक्रम के संयोजक आर.एस. सिन्हा और यूनिसेफ के नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि भूजल संकट से निपटने के लिए एकीकृत एक्यूफर पुनर्स्थापना योजन...