उन्नाव, जून 11 -- बांगरमऊ। नगर स्थित प्राचीन बोधेश्वर महादेव मंदिर पर हमलों का इतिहास कोई नया नहीं है। पिछले एक दशक में मंदिर और उससे जुड़े संतों व सेवादारों पर कई बार हमले हो चुके हैं। ताजा घटना में संत मिलन दास की हत्या ने एक बार फिर पुराने घावों को ताजा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सात सितंबर 2013 की रात अज्ञात हमलावरों ने बोधेश्वर महादेव मंदिर में घुसकर वहां विश्राम कर रहे पुजारी चैतन्य ब्रह्मचारी, सेवादार मिलन दास तथा कल्लू उर्फ अतुल द्विवेदी पर जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। इसके दो दिन बाद बांगरमऊ ईदगाह के गेट से भी छेड़छाड़ की घटना सामने आई थी, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया था। इलाज के दौरान 13 दिन बाद कल्लू उर्फ अतुल द्विवेदी की मौत हो गई थी...