बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा, क्या हम सभ्य समाज में रह रहे हैं?
नई दिल्ली, अगस्त 1 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई है कि लोग भारत में तो कचरा फैलाते हैं लेकिन विदेशों में नियमों का पालन करते हैं। कोर्ट ने सवाल किया कि क्या आजादी और लोकतंत्र की कीमत यही है, क्या हम सभ्य समाज में रह रहे हैं। जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की पीठ ने शुक्रवार को नागरिकों और नगर निगम के अधिकारियों को जागरूक करने की बात कही, ताकि यह पक्का किया जा सके कि सार्वजनिक सड़कों और जगहों पर कचरा न पड़ा रहे। कोर्ट शहर के पूर्वी हिस्से में कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड के आस-पास रहने वाले लोगों के लिए प्रदूषण, लगातार आने वाली बदबू, गैस उत्सर्जन और स्वास्थ्य संबंधी खतरों के बारे में कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। यह भी पढ़ें- अपने देश में गंदगी फैलाते हैं, विदेश जाते ही बन जाते हैं जेंटलमैन; हाई कोर्ट ने ल...
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