खगडि़या, अप्रैल 24 -- बेलदौर । एक संवाददाता विज्ञान एवं अध्यात्म का ही संयुक्त मिश्रण है प्रज्ञा पुराण। इसकी रचना कलयुग में की गई है। उक्त बातें गुरूवार को संध्याकालीन प्रवचन के दौरान गायत्री परिवार के प्रवचनकर्ताओं ने कही। संध्या कालीन यज्ञ का समापन साढ़े आठ बजे के करीब कर दी गई। कलयुग में व्यक्तित्व क्या है? पंडित श्रीराम शर्मा के द्वारा बताई गई ध्यान विधि बहुत आगे के समय को ध्यान में रखकर नाथ योगियों द्वारा तैयार की हुई है। जिसमें कुंडलिनी बहुत जल्दी सक्रिय हो जाती है और सुरक्षित तरीके से गति करती है, जिससे साधक को कभी कोई दिक्कत नहीं होती है। गुरुदेव ने अमेरिका में जाकर उस समय एड्स के रोगियों को बिना दवाई के इस विधि से सही करके दिखाया था, भारत सरकार और अमेरिकी सरकार ने चुप रहने में लाभ समझा। क्योंकि एड्स के नाम पर भारत को खूब पैसा मिल ...