हाथरस, मार्च 19 -- हाथरस। शहर के मोती बाज़ार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में इन दिनों कैश और चेक से ज़्यादा 'खौफ़ और धमकियों' की चर्चा गर्म है। बैंक के ही एक लिपिक संजीव प्रताप सिंह जादौन ने अपने मैनेजर और कैशियर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कोतवाली पुलिस की शरण ली है। मामला कोई मामूली कहासुनी नहीं, बल्कि जान से मारने की धमकी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। पीड़ित लिपिक संजीव प्रताप का आरोप है कि पिछले एक साल से शाखा प्रबंधक और कैशियर ने मिलकर उनका जीना मुहाल कर रखा है। आरोप है कि ये दोनों उच्च अधिकारियों से झूठी शिकायतें कर रहे हैं, बल्कि ग्राहकों को भी संजीव के खिलाफ भड़काने का काम कर रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि यह सब उनकी छवि खराब करने और करियर को पटरी से उतारने की एक सोची-समझी साजिश है। संजीव ने शिकायत में बताया कि कैशियर स्थ...